Note: This post has been written by a WazirX Warrior as a part of the “WazirX Warrior program.”
पिछले 12 वर्षो में क्रिप्टो क्षेत्र में बहुत से बदलाव हुए हैं। ब्लॉकचेन तकनीक ने जिंदगी को आसान बनाया है और साथ ही रिकॉर्ड और दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की तकनीक को भी बहुत सुरक्षित बनाया है। आज क्रिप्टो के कारण पेमेंट लेनदेन बहुत आसान बनाने के साथ-साथ इसमें पारदर्शिता भी आई है। आज क्रिप्टो बाजार में 7000 से ज्यादा क्रिप्टो कॉइन और टोकन उपलब्ध और लगभग दर्जन से ज्यादा ब्लॉकचेन काम कर रही हैं। क्रिप्टो में जिस तरह से लोगों की रूचि बढ़ी है उसे सुविधाएं देने के लिए एक्सचेंज भी बढ़ी हैं और एक्सचेंज की जिम्मेवारी भी।
हर काम के अच्छे और बुरे पहलु होते हैं और व्यक्ति हर वास्तु या सेवा का उपयोग अच्छे और बुरे तरीके से करता है। क्रिप्टो के साथ भी ऐसा ही है। जहां पर क्रिप्टो के बहुत से फायदे हैं और क्रिप्टो से लोगों की जिंदगी आसान और आर्थिक तौर पर मजबूत बनी है, वहीं पर कुछ गलत काम करने वालों ने क्रिप्टो का गलत इस्तेमाल करके क्रिप्टो क्षेत्र को बदनाम भी किया है। क्रिप्टो पर हमेशा से ही कालेधन को इस्तेमाल करने यानि मनी लॉन्ड्रिंग और क्रिप्टो ले कर ड्रग्स का लेनदेन करने के आरोप लगते रहे हैं। क्रिप्टो के ऊपर यह भी आरोप लगते रहे हैं की इसका इस्तेमाल आतंकवाद और गैरकानूनी कामों के लिए भी किया जाता रहा है।
यहाँ पर अगर समस्या है तो उसका समाधान भी है, क्रिप्टो पर अगर कोई कानून नहीं है तो क्रिप्टो एक्सचेंज ने अपने खुद के ऐसे नियम बनाए हैं। इन नियमों के इस्तेमाल से क्रिप्टो द्वारा किए जा सकने वाले सभी संभावित गैर कानूनी कामों को रोका जा सकता है। हम बात करते हैं एक्सचेंज पर की जाने वाली KYC की। आज पूरी दुनिया में सैकड़ो क्रिप्टो एक्सचेंज काम करती हैं और सभी KYC के नियमों का पालन बहुत सख्ती से करती हैं। एक्सचेंज पर ट्रेड करना या क्रिप्टो के खरीदने और बेचने के लिए पहले आपको KYC की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
क्रिप्टो एक्सचेंज की KYC में सबसे पहले फ़ोन और ईमेल वेरिफिकेशन आती है। दोनों ही सेवाओं को OTP की सहायता से वेरिफाई किया जाता है।अगर फ़ोन नंबर लेने के दौरान उपभोगता के सभी जरुरी दस्तावेज लिए गए हैं (आधार कार्ड और फोटो पहचान पत्र) तो क्रिप्टो का गलत इस्तेमाल करने वाले की पहचान आसान हो जाती है। एक्सचेंज इसके बाद अगले स्तर की KYC पर आती है जहां पर उपभोगता के पते, पैन कार्ड और फोटो पहचान पत्र की जाँच की जाती है। इन सभी जानकारियों से सरकारी एजेंसी आराम से किसी भी व्यक्ति के टैक्स, उसके चेहरे की पहचान और उसके रहने के पते की जानकारी जुटा सकती है। इसके बाद अपने एक्सचेंज के अकाउंट से बैंक एकाउंट के जोड़ने और बैंक एकाउंट के वेरिफाई करने की प्रक्रिया होती है। बैंक एकाउंट से सरकारी विभाग किसी के लेनदेन की सारी जानकारी ले सकता है।
क्रिप्टो एक्सचेंज अब अपनी KYC को और ज्यादा मजबूत कर रहा है। अब एक्सचेंज पर ट्रेड करने से पहले आपको लाइव वीडियो, आवाज के नमूने और हाथ में तारीख, एक्सचेंज का नाम और अपना पहचान पत्र ले कर फोटो और वीडियो भी देनी पड़ती है। इस प्रक्रिया से कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के दस्तावेज या जानकारी दे कर गलत तरीके से क्रिप्टो नहीं खरीद पाता। अपने उपभोक्ता की इतनी सख्त पहचान शायद ही कोई सरकारी या वित्य विभाग करता हो!
एक्सचेंज से क्रिप्टो लेने के बाद कोई इस क्रिप्टो का इस्तेमाल कैसे करता है इस का पता लगाना या इस बात पर लगाम लगाना की क्रिप्टो से कोई गलत काम न हो यह किसी के लिए भी संभव नहीं है। जैसे पैसे को बैंक से निकालने के बाद उस पैसे से अगर कोई गैर कानूनी काम करता है तो इसके लिए बैंक को दोष नहीं दिया जा सकता वैसे ही एक्सचेंज से क्रिप्टो के लेने के बाद कोई इसका गलत इस्तेमाल करे तो एक्सचेंज को इसके लिए दोष नहीं दिया जा सकता। कोई किसी के बैंक एकाउंट से बैंक एकाउंट में पैसा भेज रहा है और कोई एक्सचेंज से किसी को क्रिप्टो भेज रहा है लेकिन क्यों और किस काम के लिए भेज रहा है यह न तो बैंक पता कर सकता है न ही एक्सचेंज।
आज क्रिप्टो एक्सचेंज अपने स्तर पर पूरा प्रयास कर रही है इन समस्याओं के खत्म करने के लिए। जिन देशों में सरकार ने कानून नहीं बनाएं वह पर क्रिप्टो एक्सचेंज अपने कानून बना रही है क्रिप्टो लेनदेन को सुरक्षित बनाने के लिए। मनी लॉन्ड्रिंग और गलत तरीके का निवेश क्रिप्टो क्षेत्र के लिए खतरनाक है और यह बात एक्सचेंज समझती है। कठिन से कठिन KYC से इन सभी समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया गया है और क्रिप्टो एक्सचेंज इस विषय पर और भी काम कर रही है। हमें यह विश्वास रखना चाहिए की हमारा क्रिप्टो क्षेत्र और एक्सचेंज इन सभी समस्याओं को एक दिन खत्म करके सुरक्षित क्रिप्टो की दुनिया का निर्माण करेगी।
यह सारे नियम क्रिप्टो एक्सचेंज ने अपने स्तर पर बनाए हैं और इसका केवल एक उद्देश्य है “क्रिप्टो को सुरक्षित बनाना”। तकनीक का भी गलत इस्तेमाल होता रहा है, क्रिप्टो भी इस से अछूता नहीं है लेकिन क्रिप्टो समुदाय और क्रिप्टो एक्सचेंज हैक होने की स्थिति में आपस में तालमेल करते हैं। अकसर किसी क्रिप्टो की हैक की स्तिथि में सभी एक्सचेंज ऐसे एड्रेस के लेनदेन को बंद कर देते हैं जिन एड्रेस पर यह क्रिप्टो भेजी गई है। क्रिप्टो एक्सचेंज समय पड़ने पर सभी सरकारी विभागों को पूर्ण सहयोग देने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं और हर संभव सहयोग करती हैं।
The post How Strict KYC Rules Can Enable Exchanges Prevent Money Laundering (एक्सचेंज की मजबूत KYC से मनीलॉन्ड्रिंग पर लगाम) appeared first on WazirX Blog.
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